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Durood Sharif Ki Fazilat In Hindi.

 

अस्सलामु आलैकुम

मौत के बाद भी कलाम


☑  आइए एक बार नबी सल्लल्लाहु  अलैहि वसल्लम की बारगाह में दरूद शरीफ पढ़लें..!

।।अल्लाहुम्मा रब्बू मोहम्मदिन सल्ला अलैही वसल्लम, नह्नू इ़बादु मोह़म्मदीन सल्ला अलैही वसल्लम, सल्लल्लाहु तआ़ला अलैही वसल्लम।।

मेरे प्यारे दोस्तों..! क्या आप जानते हैं कि मरने के बाद भी अल्लाह वाले दुनियां वालों से बातचीत करते हैं कलाम करते हैं। अगर आपको यक़ीन ना हो इस बात पर तो आज की इस्लामिक रिवायत की रोशनी में लिखे गेए पोस्ट को पढ़ने के बाद आप ज़रूर यक़ीन करेंगे कि अल्लाह वाले इस दुनियां से जाने के बाद भी बातचीत करते हैं।

रीवायत ➣।  हज़रते रबीअ़ रदी अल्लाहू अन्हू एक बहुत बड़े मुत्तक़ी, परहेज़गार और अल्लाह ताला के मक़बूल बंदे थे। कसरत के साथ ज्यादा से ज्यादा नवाफ़िल नमाज़ पढ़ते और रोज़े रखा करते थे। उनकी जब वफ़ात हुई तो उनके तीन भाई आस पास बैठे हुए थे। वह कहते हैं कि एकदम हमने देखा, अचानक से रबीअ़ ने अपने चेहरे से कपड़ा हटाया और अस्सलामु अलैकुम कहा। और हम ने जवाब दिया "वालैकुम अस्सलाम" और ताज्जुब से कहा की मौत के बाद भी कलाम, बातचीत...? 

उन्हों ने जवाब दिया हाँ.! मौत के बाद मैंने अपने रब से ऐसे हाल में मुलाक़ात की, कि वह ग़जबनाक नहीं था। मेरे रब ने आल्हा दर्जा की नीमतों और रेशमी लिबास के अतिया के साथ मेरा इस्तकबाल किया। 

और कहा खबरदार हो जाओ..! बेशक अल्लाह के प्यारे रसूल मोहम्मद ﷺ मुझ पर नमाज़-ए-जनाज़ा पढ़ने का इंतज़ार फरमा रहे हैं। तुम मेरे जनाज़े को जलदी लेकर चलो, ले जाते ही देर ना करना।  यह कहकर मौत के साथ खामोशी अख्तियार कर लिए।


सबक़ ➣ मेरी प्यारी आंखों के प्यारे बोला मैं बेशक अल्लाह वाले मरते नहीं है। बल्कि अपनी जगह बदल जाते हैं। और अपने महबूब-ए-हक़ीक़ी से जा मिलते हैं। इसीलिए लोग यह कहते हैं कि फ़लां बुज़ुर्ग इंसान का इस दुनियां से विसाल हो गया। बस जो अल्लाह सच्चे नेक बंदे होते हैं वह कभी नहीं मरते हैं बल्कि एक आन के लिए उन्हें मौत का मज़ा चखना होता है। फिर जिंदा हो जाते हैं और अल्लाह उन्हें रिज़क़ अता फ़रमाता है।

किसी शायर ने क्या ही इस मज़मून को यूं तहरीर किया है

।। कौन कहता है कि मोमिन मर गये ।।

।। क़ैद से छूटे वह अपने घर गए ।।


  • ज़्यादा पढ़ने के लिए नीचे के लिंक पर क्लिक करें..!
Dajjal Kon hai.

Qayamat Ki Nishaniya.

Imam-E-MehdI Kon hai.

Islamic quotes.

नोट : मेरे अज़ीज़ दोस्तों इस्लामी भाइयों..! हमें इस वाक्य से यह भी पता चल गया कि हमारे प्यारे आक़ मक्की सरदार, मदन ताजदार, गुनहगारों के खरीदार, नाइब-ए-परवरदिगार जनाबे मोहम्मद रसूल अल्लाह ﷺ ज़िंदा हैं और अपनी उम्मतियों के हालात से बा-खबर हैं। और आप ﷺ अपने सच्चे गुलामों के इंतिक़ाल पर उनकी नमाज़े जनाज़ा भी पढ़ते हैं।



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