अस्सलामु आलैकुम व रहमतुल्लाहि बरकातुह
मुनाफ़िक़ की पहचान
मोहम्मद मुस्तफा ﷺ बाहर कहीं तशरीफ ले जा रहे थे कि रास्ते में आपकी ऊंटनी गुम हो गई। ज़ैद नाम का एक मुनाफिक ने कहा। मोहम्मद अगर अल्लाह का नबी है तो अपनी ऊंटनी का पता क्यों नहीं मालूम कर लेता कि अभी वह कहां पर है.? वैसे लोगों में यह बात फैली हुई है कि मोहम्मद अल्लाह का नबी है और आसमान की खबरें बताता है। तो अपनी उठने की खबर उन्हें मालूम नहीं रखता।
जब हमारे आपके प्यारे नबी मुस्तफा जाने रहमत ﷺ को इस बात की खबर हुई तो आप ﷺ ने फ़रमाया फ़लाना शख्स मेरे बारे में ऐसा ख्याल रखता और वह कहता है। जब कि मुझे अल्लाह ताला जिस बात की खबर देता है मैं उसे जानता हूँ। और मैं अपने ऊंटनी के बारे में जानता हूं कि अभी वह कहां है। मुस्तफा ﷺ ने फरमाया कि हमारी ऊंटनी फलाँ वादी, फ़लाना घाटी के पास खड़ी है। और उसकी नुकेल एक दरख़्त ने पकड़ रखी है, यानी एक दरख्त से नुकेल अटकी हुई है और ऊंटनी वहीं पर खड़ी है। अल्लाह के प्यारे नबी मोहम्मद ﷺ ने सहाबियों से फरमाया जाओ उसे ले आओ। चुनांचे जब सहाबा इकराम वहां पहुंचे तू ऊंटनी को वहीं खड़े पाया, और उसे साथ ले आए।
सबक़। मेरे इस्लामी अज़ीज़ भाइयों..! इस रिवायत से हमें पता चलता है के अल्लाह के प्यारे नबी मुस्तफा जाने रहमत, मक्की सरदार, मदनी ताजदार, हम गुनाहगारों के खरीदार, जनाबे नाइब-ए-परवरदिगार, मोहम्मद मुस्तफा ﷺ के आलिम-ए-ग़ैब [ छुपी हुई बातों को जानना ] पर ताना करना मुनाफ़िक़ों की अलामत और पहचान है। और जो सच्चे मुसलमान हैं वह अल्लाह के प्यारे रसूल मोहम्मद ﷺ के इल्म को दिल व जान से मानते हैं। मेरे प्यारे दोस्तों याद रखिएगा...! हर सच्चे मुसलमान यह मानते हैं कि अल्लाह ताला के अता करने से हम सबके प्यारे आक़ मोहम्मद ﷺ को हर बात का इल्म है।
नोट : मेरे दोस्त आप लोगों से एक बार जरूरी यह है कि आप लोग इस्लाम से संबंध ऐसे हिंदी आर्टिकल पोस्ट को अपने दोस्त अहबाब में जरूर शेयर करें। और हमेशा रब से दुआ रखें के हमें और आप सबको इन बातों पर अमल करने की तौफीक अता फरमाएं।।
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